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अपने 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² के लिठआपको किन जानकारियों की आवशà¥à¤¯à¤•ता है?
मेरे 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠका विकास कैसा होना चाहिà¤?
अब आपका शिशॠचार सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का हो गया है और इस चरण में वे कई नई चीजें कर सकता है, जैसे कि अंगूठा चूसना और खिलौने मà¥à¤‚ह में डालना आदि। अगर आपके ​शिशॠमें à¤à¥€ à¤à¤¸à¥€ आदत है, तो उसके लिठपरेशान न हो और न ही उसकी इस आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ​शिशॠका à¤à¤¸à¤¾ करना सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• है। इसके अलावा 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠकी दृषà¥à¤Ÿà¤¿ पहले से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बेहतर हो चà¥à¤•ी होती है और अब वे 20-35 सेमी तक की दूरी वाली वसà¥à¤¤à¥à¤à¤‚ असानी से देख सकता है।
मà¥à¤à¥‡ 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠया 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² के विकास के लिठकà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤?
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠकी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ को लेकर इस बात का हमशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि उसे पीठके बल ही लेटाà¤à¤‚, फिर चाहें वे जाग रहा हो या सो रहा हो। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपका शिशॠकई तरह के खतरों से बच सकता है।
इस चरण के दौरान कोशिश करें कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वकà¥à¤¤ आप अपने शिशॠके साथ बिताà¤à¤‚। आप उसके चेहरे के समाने बैठें, जिससे वे आपकी तरफ देखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगा। आप चाहें तो खेल की तरह तौलिया या हलà¥à¤•ा कपड़ा उसके पैरों पर या सीने पर डालें। इससे शिशॠअपने उपर से उसे हटाने की कोशिश करेगा। इस तरह के पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ से उसकी मांसपेशियां मजबूत होंगी।
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾
मà¥à¤à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से कà¥à¤¯à¤¾ बात करनी चाहिà¤?
इस चरण में डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° आपको अपने शिशॠको कà¥à¤› परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठले जाना चाहिà¤, आपका डॉकà¥à¤Ÿà¤° नीचे दिठगठकà¥à¤› जांचे कर सकता है, जैसे कि—
डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠकी à¤à¥œà¥€ से कà¥à¤› रकà¥à¤¤ बà¥à¤²à¤¡ टेसà¥à¤Ÿ के लिठले सकते हैं। इस टेसà¥à¤Ÿ का मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ पाचन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और यूरिन संबंधित बीमारियों का पता लगाना होता है।
कà¥à¤› मामलों में डॉकà¥à¤Ÿà¤° हेपेटाइटिस बी के टीके की सलाह दे सकते हैं। दरअसल जनà¥à¤® के दो महीनों के à¤à¥€à¤¤à¤° कà¥à¤› टीके शिशॠको लग जाने चाहिà¤,जैसे कि सिंथेटिक वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨ डिपà¥à¤¥à¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, परà¥à¤Ÿà¥à¤¸à¤¿à¤¸, टेटनस इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ इसके लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ जरूर लें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ का हियरिंग टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ करवाà¤à¤‚ ताकि ये पता चल जाठकि शिशॠको सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ में कोई दिकà¥à¤•त तो नहीं है।
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠया 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² के लिठमà¥à¤ किन बातों की जानकारी होनी चाहिà¤?
शिशॠजनà¥à¤® के बाद शà¥à¤°à¥‚आती पहले महीने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं। लेकिन कà¥à¤› शिशà¥à¤“ं में कोलिक की समसà¥à¤¯à¤¾ के कारण ये सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तीन महीनों तक बनी रह सकती है। कोलिक रोग तीन महीने से कम उमà¥à¤° के लगà¤à¤— 10 से 25 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ शिशà¥à¤“ं को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। वैसे तो सामानà¥à¤¯ सà¤à¥€ शिशॠà¤à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के तीन महीनों तक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रोते हैं, तो à¤à¤¸à¥‡ में आपका शिशॠकहीं कोलिक की समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान होकर तो नहीं रो रहा है, इसे समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ ने इसके तीन तरीके बताठहैं, पहला अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ जब लगातार तीन घंटो तक रोता है और à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ चलती रहे, तो यह कोलिक का लकà¥à¤·à¤£ हो सकता है। आमतौर पर, ये तीसरे से छठे सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच शà¥à¤°à¥‚ होता है। ये अकà¥à¤¸à¤° शाम के वकà¥à¤¤ होता है। इसके अलावा शिशà¥à¤“ं को पेट दरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। इस दौरान शिशॠबहà¥à¤¤ तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ से रोने लगता है और अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी बंद कर लेता है। लेकिन ये समसà¥à¤¯à¤¾ तीसरे महीने के लगà¤à¤— ठीक हो जाती है।
वैसे तो इस समसà¥à¤¯à¤¾ के हर बचà¥à¤šà¥‡ के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं और उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलग—अलग उपायों से आराम मिल सकता है, इसलिठशिशॠको राहत पहà¥à¤‚चाने के लिठयहाठदिठगठकà¥à¤› सà¥à¤à¤¾à¤µ आप अपना सकते हैं:
à¤à¤• शांत और हलà¥à¤•ी गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ वाला वातावरण बनाने की कोशिश करें, जिससे कि शिशॠको मां के गरà¥à¤ जैसा à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो। आप बचà¥à¤šà¥‡ को शिशॠको हलà¥à¤•े कमà¥à¤¬à¤² में लपेटकर अपनी गोद में सà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ की कोशिश करें।
अगर शिशॠदरà¥à¤¦ के कारण à¤à¤°à¥€ चीखों के साथ रोता है, उसका वजन नहीं बॠरहा है या उसे अकà¥à¤¸à¤° बà¥à¤–ार रहता है तो तà¥à¤°à¤‚त अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ की कà¥à¤› निशानियां हो सकती हैं।
शिशॠका रोना कई बार काफी बार आपके लिठनिराशाजनक और तनावदायक à¤à¥€ हो सकता है। कई बार à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ आà¤à¤—ी जैसे कि आप अकेले हैं और आपको बाथरूम जाना है तो à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠके खà¥à¤¯à¤¾à¤² के लिठआप किसी मदद à¤à¥€ ले सकते हैं, या इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आप उसे किसी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लेटा दें। इसे के साथ ये à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि उसके आसपास कोई à¤à¤¸à¥€ वसà¥à¤¤à¥ न रखी हो जिससे शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चे।
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠके लिठमहतà¥à¤¤à¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ बातें
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠके लिठमà¥à¤à¥‡ किन बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤?
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠया 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर पूरा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤à¥¤ इसके अलावा बचà¥à¤šà¥‡ के अचà¥à¤›à¥€ सेहत के लिठइस बात का à¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का सेवन करने वाला वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ शिशॠके पास न जाà¤à¥¤ यदि आप या परिवार का कोई à¤à¥€ सदसà¥à¤¯ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करता है, तो इस आदत को आपको छोड़ना होगा। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ का धà¥à¤†à¤‚ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबेहद खतरनाक साबित हो सकता है, जैसे कि फेफड़ों को कमजोर होना, शिशॠको कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ जाती है और नींद की समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। ये सडन इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट डेथ सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के साथ कई और à¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकता है। आप अगर ये सोचते हैं कि धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने से बेहतर है कि आप बचà¥à¤šà¥‡ आसपास नहीं जाà¤à¤‚गे, तो आपकी ये धारणा गलत साबित है। इतना ही नहीं आप घर पर सà¤à¥€ को इसके लिठमना करें।
इसके लिठआप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछें कि धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ कैसे छोड़ें, यदि आप या परिवार का कोई सदसà¥à¤¯ तà¥à¤°à¤‚त धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं छोड़ सकता है, तो आप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछें कि à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² कैसे करें और उसे कैसे इसके दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ से उसे बचाà¤à¤‚।
4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के शिशॠया 4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² से जà¥à¥œà¥€ किसी à¤à¥€ जानकारी के लिठसà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ से संपरà¥à¤• करें। शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करते समय अगर आपको लग रहा है कि बचà¥à¤šà¥‡ को समसà¥à¤¯à¤¾ ठीक नहीं हो रही है तो आप को किसी अनà¥à¤¯ से राय लेने की बजाय डॉकà¥à¤Ÿà¤° से राय लेने चाहिà¤à¥¤ अगर बचà¥à¤šà¤¾ बीमार है तो बीमारी का इलाज घरेलू ना करें। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से जानकारी ले और डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने जो à¤à¥€ दवा लेने की सलाह दी हो, उसे समय पर दें। बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत बहà¥à¤¤ ही नाजà¥à¤• होती है, à¤à¤¸à¥‡ में आपका à¤à¤• गलत निरà¥à¤£à¤¯ उसकी तबीयत खराब कर सकता है।
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